4th Darbhanga IFF 2017 Concluded

शुक्रवार दिनांक 27 जनवरी 2017 को चौथे दरभंगा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म उत्सव 2017 के दिन के सत्र का उद्घाटन प्रोफेसर साकेत कुशवाहा वाइस चांसलर ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी, अजय नाथ झा प्रॉक्टर ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी, अजीत कुमार सिंह रजिस्ट्रार ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी, दरभंगा फिल्म क्लब के संयोजक ललित कुमार झा तथा दरभंगा फिल्म क्लब के चेयरमैन मेराज सिद्दकी ने संयुक्त रुप से किया | पहली ओपनिंग फिल्म कफन की स्क्रीनिंग की गई जिसके निर्देशक-निर्माता अचल मिश्रा फिल्म समारोह में मौजूद थे और उन्होंने दर्शकों से फिल्म के बाद बातचीत भी की, यह फिल्म मैथिली भाषा में बनी हुई है जो प्रेमचंद की एक लघुकथा पर आधारित है | समारोह में इस फिल्म के कलाकार भी उपस्थित थे|

कल ही शुक्रवार को चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के पहले दिन की सांध्यकालीन सत्र का उद्घाटन ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी के चौरंगी पर हुआ| दरभंगा फिल्म क्लब द्वारा आयोजित इस सत्र का उद्घाटन शाम 6:00 बजे माननीय वित्त मंत्री श्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने किया जबकि मुख्य अतिथि के रुप में बॉलीवुड के मशहूर हास्य अभिनेता लिलिपुट फारुकी तथा मशहूर अभिनेत्री उमा बसु मौजूद रहे, विशिष्ट अतिथि के रुप में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर साकेत कुशवाहा एवं अन्य अतिथि के रुप में सिटी हॉस्पिटल के संस्थापक डॉक्टर इंतखाब, वार्ड पार्षद डॉक्टर अब्दुस सलाम उर्फ मुन्ना खान तथा शेखर क्लासेज़ के निदेशक निखिल गौरव उपस्थित रहे|

अपने संबोधन में श्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि मिथिलांचल की संस्कृति और कला के विकास को अपेक्षित बढ़ावा देने की दृष्टि से इस तरह का आयोजन अपना एक अलग महत्व रखता है, उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन को हर स्तर पर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है ताकि यह आगे नित नए ऊंचाइयों को छुए और दरभंगा का नाम पूरी दुनिया में रोशन हो | इस उद्देश्य को पूरा करने हेतु उन्होंने अपेक्षित सरकारी सहयोग देने की बात भी कही|

"मैं ये देखकर काफी रोमांचित हूं कि दरभंगा जैसे जगह में भी इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन काफी सफलतापूर्वक संपन्न होता आ रहा है|" यह बात मशहूर अभिनेता लिलिपुट फारुकी ने कही उन्होंने कहा कि मैं मूल रूप से बिहार से हूं और मुझे पता है कि बिहार में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, कमी है तो बस हमारे दृढ़ इच्छाशक्ति की इसलिए ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता बिहार में है ताकि छिपी हुई प्रतिभाओं को आगे लाया जा सके| उल्लेखनीय है कि फारुकी स्वयं बिहार के गया से है और उनका दादी हाल मधुबनी जिले के अलीनगर में है| मशहूर अभिनेत्री उमा बसु ने मिथिला संस्कृति के संबंध में कई महत्वपूर्ण बातें कहीं उन्होंने कहा कि यहां की संस्कृति और खासकर बोली पूरी दुनिया में अपना एक अलग महत्व रखता है | इस तरह के आयोजन के लिए उन्होंने दरभंगा फिल्म क्लब की पूरी टीम विशेषकर मेराज सिद्दीकी, ललित झा आदि को हार्दिक बधाई दिया |

समय-समय पर इस तरह के आयोजन से जुड़े अन्य कार्यक्रमों के आयोजन की बात मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति साकेत कुशवाहा ने अपने उद्बोधन में कहीं, उन्होंने लिलिपुट फारुकी एवं उमा बसु को विशेष कर धन्यवाद दिया कि वह इस कार्यक्रम के क्रम में दरभंगा की धरती पर उपस्थित होकर दरभंगा को गौरान्वित किया है | इसके बाद कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए एक फिल्म ऐन अनटोल्ड स्टोरी ऑफ पेपर बोट्स की स्क्रीनिंग हुई | हिंदी भाषा में बनी इस फिल्म के निर्देशक अमित खन्ना एवं नीरू खेड़ा है | कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का स्वागत दरभंगा फिल्म क्लब के संयोजक ललित कुमार झा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन दरभंगा फिल्म क्लब के चेयरमैन अध्यक्ष मेराज सिद्दीकी ने किया | कार्यक्रम का संचालन मुकेश मिश्रा ने किया| कार्यक्रम के दौरान फिल्म क्लब के मेम्बेर्स अंकुश प्रसाद, हर्षित श्रीवास्तव, आनंद कुमार आदि की भूमिका सराहनीय रही|

शनिवार दिनांक 28 जनवरी 2017 को चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2017 का दूसरा दिन रहा | आज के कार्यक्रम का शुभारंभ ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के सिल्वर जुबली ऑडिटोरियम नारगौना पैलेस में हुआ | दरभंगा फिल्म क्लब द्वारा आयोजित आज के दिन का उद्घाटन बांग्लादेश से आए जानेमाने फिल्मकार अराफात उर रहमान ने किया | इसके बाद फिल्म स्क्रीनिंग का विधिवत सत्र का आरंभ हुआ| आरंभ में रुपया नामक फिल्म के स्क्रीनिंग हुई| हिंदी भाषा में बनी इस फिल्म के निर्माता निर्देशक नितेश राज है| इस फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद स्वयं नितेश राज मंच पर उपस्थित होकर अपने फिल्म के बारे में लोगों को महत्वपूर्ण जानकारी दी, उनके साथ फिल्म के अभिनेता एवं कलाकार भी सभागार में उपस्थित रहे |

इसके बाद अ बोहेमियन मैजिशियन नामक फिल्म का स्क्रीनिंग किया गया, हिंदी भाषा में बनी इस फिल्म के निर्देशक रोचक साहू है| क्रमश: आराम से नामक फिल्म दिखाई गई, तमिल भाषा की इस फिल्म के निर्माता निर्देशक एम बाला सुब्रमण्यम हैं, क्रमशः बिल्लू फ्लाइट नमक शॉर्ट फिल्म की स्क्रीनिंग हुई, हिंदी भाषा में बनी इस फिल्म के निर्देशक मयंक त्रिपाठी है इसके बाद विदेशी फिल्म फोक्सेस की स्क्रीनिंग की गई, आइसलैंड की इस फिल्म के निर्देशक माइकल गुररिया है, भाषा अंग्रेजी है | तत्पश्चात मीराधा नामक हिंदी फिल्म की स्क्रीनिंग हुई जिसके निर्देशक आशीष सिन्हा है, क्रमश: गुडबाय नामक फिल्म दिखाई गई, बंगला भाषा की इस फिल्म के निर्देशक रजत साहा है | प्रथम सत्र का समापन गुलाम नामक भोजपुरी फिल्म से हुई इसके निर्देशक मोहन पशुपतिनाथ हैं | कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का स्वागत दरभंगा फिल्म क्लब के संयोजक ललित कुमार झा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन क्लब के अध्यक्ष मेराज सिद्दीकी ने किया| आज के दिन का मंच संचालन ललित झा ने किया इस क्रम में हरिवंश चित्रगुप्त, हर्षित श्रीवास्तव आनंद कुमार, अंकुश प्रसाद आदि की भूमिका सराहनीय रही |

रविवार दिनांक 29 जनवरी 2017 को चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का तीसरा दिन रहा । ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के सिल्वर जुबली ऑडिटोरियम में आयोजित आज के समापन दिन के पहले सत्र के कार्यक्रम की शुरुआत बिबोर्तों नामक बंगला फिल्म से हुई| बांग्लादेश में बनी इस शार्ट फिक्शन फिल्म के निर्माता आराफातुर रहमान हैं । इसके बाद दट्स माय बॉय नामक फिल्म दिखाई गयी । मलयालम भाषा की इस फिल्म के निर्माता अखिल सच्चयन हैं । क्रमशः ब्लररिंग लाइन्स नमक डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्क्रीनिंग हुई । इस फिल्म के निर्माता तौहीद खान हैं । इसके बाद एक शार्ट फिल्म फ्राइडे लोगों ने देखा जिसके निर्माता पाटिल हैं । क्रमश: मनोज बाजपाई की फिल्म तांडव तथा अगली फिल्म व्हाट्स नेक्स्ट दिखाई गयी|

इससे पूर्व उल्लेखनीय है कि कल शनिवार को नारगौना पैलेस के लॉन में शाम छे बजे से नौ बजे तक ओपन स्क्रीनिंग हुई। इसमें सबसे पहले कॉन्स्टिट्यूशन असेंबली एवं 1941 का दरभंगा नमक फिल्म की स्क्रीनिंग हुई।इस फिल्म की कमेंट्री आशीष झा ने की, साथ ही आशीष झा ने हिस्ट्री एंड हेरिटेज ऑफ़ दरभंगा पे अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अगले भाग में दुइल्लुम ,लड्डू ,एवं गांधी का चंपारण नमक फिल्म की स्क्रीनिंग हुई जिसके निर्माता विश्वजीत मुख़र्जी हैं।

आज दिनांक 29 जनवरी 2017 को समापन दिवस का दूसरा सत्र पुरस्कार वितरण समारोह Darbhanga IFF Awards 2017 का रहा ।इस समारोह में जिला कल्याण पधाधिकारी, मधुबनी कान्वेंट स्कूल के डायरेक्टर रोहित कुमार, जे जे हॉस्पिटल गया के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ जन्मेजय, सिटी हॉस्पिटल के निर्देशक डॉ इंतेखाब आलम,वार्ड पार्षद डॉ अब्दुस सलाम उर्फ मुन्ना खान एवं शेखर क्लासेज के निर्देशक निखिल गौरव बतौर अतिथि उपस्थित रहे । गोरतलब है कि इस फिल्म महोत्सव में काफी दूर दूर से आये फिल्मकारों एवं निर्देशकों का विराट समागम हुआ ।प्रमुख फिल्मकारों में मैथ्यू जोसफ सिंगापुर से आकर इस फिल्म उत्सव में शामिल हुए। बांग्लादेश से आये अराफतुर रहमान इस फिल्म उत्सव में शामिल हुए।संध्या एंड अवेकनिंग के निर्देशक मोहन दास मुम्बई से, उदय सिंह मुम्बई से, और रुपिया फिल्म के निर्देशक नितेश राज दिल्ली से एवं तौहीद खान दिल्ली से शिरकत की । आज के कार्यक्रम में अथितियों का स्वागत दरभंगा फिल्म का संयोजक ललित झा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन दरभंगा फिल्म क्लब के चेयरमैन मेराज सिद्दीकी ने किया। अपने फिल्म मोहत्सव के सफल आयोजक हेतु सम्पूर्ण दरभंगावासी एवं मिथिलांचल के लोगो को धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में यह मोहत्सव निश्व्हित रूप से मुम्बई गोवा जैसे फिल्म मोहत्सव के जैसे सफल होगा। संपूर्ण कार्यक्रम का मंच संचालन संयोजक ललित झा ने किया| कार्यकम के दौरान अंकुश प्रसाद, हर्षित श्रीवास्तव , आनंद जी, आर्यन सम्राट और अमन सिंह आदि की भूमिका सराहनीय रही।

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